क्रोध व अशांति नियंत्रण • Overcoming Anger & Anxiety
मानसिक शांति, धैर्य और वासनाओं से मुक्ति
Finding inner stillness, patience, and freedom from turmoil (14 Curated Bhagavad Gita Verses)
कृपया परयाऽऽविष्टो विषीदन्निदमब्रवीत्। दृष्ट्वेमं स्वजनं कृष्ण युयुत्सुं समुपस्थितम्॥ १.२८॥
हिंदी भावार्थ: ।।1.28 1.29।।अर्जुन ने कहा -- हे कृष्ण ! युद्ध की इच्छा रखकर उपस्थित हुए इन स्वजनों को देखकर मेरे अंग शिथिल हुये जाते हैं, मुख भी सूख रहा है और मेरे शरीर में कम्प तथा रोमांच हो रहा है।।
English Meaning: Arjuna said, "O Krishna, seeing my kinsmen arrayed here, eager to fight,
सीदन्ति मम गात्राणि मुखं च परिशुष्यति। वेपथुश्च शरीरे मे रोमहर्षश्च जायते॥ १.२९॥
हिंदी भावार्थ: ।।1.28 1.29।।अर्जुन ने कहा -- हे कृष्ण ! युद्ध की इच्छा रखकर उपस्थित हुए इन स्वजनों को देखकर मेरे अंग शिथिल हुये जाते हैं, मुख भी सूख रहा है और मेरे शरीर में कम्प तथा रोमांच हो रहा है।
English Meaning: My limbs fail, my mouth is parched, my body quivers, and my hair stands on end.
गाण्डीवं स्रंसते हस्तात्त्वक्चैव परिदह्यते। न च शक्नोम्यवस्थातुं भ्रमतीव च मे मनः॥ १.३०॥
हिंदी भावार्थ: मेरे हाथ से गाण्डीव (धनुष) गिर रहा है और त्वचा जल रही है। मेरा मन भ्रमित सा हो रहा है, और मैं खड़े रहने में असमर्थ हूँ।
English Meaning: The Gandiva slips from my hand, and my skin burns all over; I am unable to stand, and my mind is reeling, as it were.
दुःखेष्वनुद्विग्नमनाः सुखेषु विगतस्पृहः। वीतरागभयक्रोधः स्थितधीर्मुनिरुच्यते॥ २.५६॥
हिंदी भावार्थ: दुख में जिसका मन उद्विग्न नहीं होता सुख में जिसकी स्पृहा निवृत्त हो गयी है। जिसके मन से राग। भय और क्रोध नष्ट हो गये हैं। वह मुनि स्थितप्रज्ञ कहलाता है।।
English Meaning: He whose mind is not shaken by adversity, who does not long for pleasures, and is free from attachment, fear, and anger, is called a sage of steady wisdom.
ध्यायतो विषयान्पुंसः सङ्गस्तेषूपजायते। सङ्गात् संजायते कामः कामात्क्रोधोऽभिजायते॥ २.६२॥
हिंदी भावार्थ: विषयों का चिन्तन करने वाले पुरुष की उसमें आसक्ति हो जाती है। आसक्ति से इच्छा और इच्छा से क्रोध उत्पन्न होता है।।
English Meaning: When one thinks of objects, attachment to them arises; from attachment, desire is born; from desire, anger arises.
क्रोधाद्भवति संमोहः संमोहात्स्मृतिविभ्रमः। स्मृतिभ्रंशाद् बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति॥ २.६३॥
हिंदी भावार्थ: क्रोध से उत्पन्न होता है मोह और मोह से स्मृति विभ्रम। स्मृति के भ्रमित होने पर बुद्धि का नाश होता है और बुद्धि के नाश होने से वह मनुष्य नष्ट हो जाता है।।
English Meaning: Anger leads to delusion, which causes loss of memory; this, in turn, leads to the destruction of discrimination, resulting in destruction.
आपूर्यमाणमचलप्रतिष्ठं समुद्रमापः प्रविशन्ति यद्वत्। तद्वत्कामा यं प्रविशन्ति सर्वे स शान्तिमाप्नोति न कामकामी॥ २.७०॥
हिंदी भावार्थ: जैसे सब ओर से परिपूर्ण अचल प्रतिष्ठा वाले समुद्र में (अनेक नदियों के) जल (उसे विचलित किये बिना) समा जाते हैं। वैसे ही जिस पुरुष के प्रति कामनाओं के विषय उसमें (विकार उत्पन्न किये बिना) समा जाते हैं। वह पुरुष शान्ति प्राप्त करता है। न कि भोगों की कामना करने वाला पुरुष।।
English Meaning: He attains peace into whom all desires enter, just as waters enter the ocean which, filled from all sides, remains unmoved; but not the man who is full of desires.
विहाय कामान्यः सर्वान्पुमांश्चरति निःस्पृहः। निर्ममो निरहंकारः स शांतिमधिगच्छति॥ २.७१॥
हिंदी भावार्थ: जो पुरुष सब कामनाओं को त्यागकर स्पृहारहित। ममभाव रहित और निरहंकार हुआ विचरण करता है। वह शान्ति प्राप्त करता है।।
English Meaning: That person attains peace who, abandoning all desires, moves about without longing, without the sense of ownership, and without egoism.
शक्नोतीहैव यः सोढुं प्राक्शरीरविमोक्षणात्। कामक्रोधोद्भवं वेगं स युक्तः स सुखी नरः॥ ५.२३॥
हिंदी भावार्थ: जो मनुष्य इसी लोक में शरीर त्यागने के पूर्व ही काम और क्रोध से उत्पन्न हुए वेग को सहन करने में समर्थ है, वह योगी (युक्त) और सुखी मनुष्य है।।
English Meaning: He who is able, while still here in this world, to withstand the impulse born out of desire and anger before the liberation from the body, he is a Yogi, and he is a happy man.
कामक्रोधवियुक्तानां यतीनां यतचेतसाम्। अभितो ब्रह्मनिर्वाणं वर्तते विदितात्मनाम्॥ ५.२६॥
हिंदी भावार्थ: काम और क्रोध से रहित, संयतचित्त वाले तथा आत्मा को जानने वाले यतियों के लिए सब ओर मोक्ष (या ब्रह्मानन्द) विद्यमान रहता है।।
English Meaning: Absolute freedom exists on all sides for those self-controlled ascetics who are free from desire and anger, who have controlled their thoughts, and who have realized the Self.
यस्मान्नोद्विजते लोको लोकान्नोद्विजते च यः।हर्षामर्षभयोद्वेगैर्मुक्तो यः स च मे प्रियः॥ १२.१५॥
हिंदी भावार्थ: जिससे कोई लोक (अर्थात् जीव, व्यक्ति) उद्वेग को प्राप्त नहीं होता और जो स्वयं भी किसी व्यक्ति से उद्वेग अनुभव नहीं करता तथा जो हर्ष, अमर्ष (असहिष्णुता) भय और उद्वेगों से मुक्त है,वह भक्त मुझे प्रिय है।।
English Meaning: He whom the world does not agitate, and who cannot be agitated by the world, and who is freed from joy, anger, fear, and anxiety—he is dear to Me.
अनपेक्षः शुचिर्दक्ष उदासीनो गतव्यथः।सर्वारम्भपरित्यागी यो मद्भक्तः स मे प्रियः॥ १२.१६॥
हिंदी भावार्थ: जो अपेक्षारहित, शुद्ध, दक्ष, उदासीन, व्यथारहित और सर्वकर्मों का संन्यास करने वाला मेरा भक्त है, वह मुझे प्रिय है।।
English Meaning: He who is free from wants, pure, expert, unconcerned, and free from pain, renouncing all undertakings and commencements, he who is devoted to Me is dear to Me.
त्रिविधं नरकस्येदं द्वारं नाशनमात्मनः।कामः क्रोधस्तथा लोभस्तस्मादेतत्त्रयं त्यजेत्॥ १६.२१॥
हिंदी भावार्थ: काम, क्रोध और लोभ ये आत्मनाश के त्रिविध द्वार हैं, इसलिए इन तीनों को त्याग देना चाहिए।।
English Meaning: There are three gates to this hell, destructive of the self: lust, anger, and greed; therefore, one should abandon these three.
एतैर्विमुक्तः कौन्तेय तमोद्वारैस्त्रिभिर्नरः।आचरत्यात्मनः श्रेयस्ततो याति परां गतिम्॥ १६.२२॥
हिंदी भावार्थ: हे कौन्तेय ! नरक के इन तीनों द्वारों से विमुक्त पुरुष अपने कल्याण के साधन का आचरण करता है और इस प्रकार परा गति को प्राप्त होता है।।
English Meaning: A person who is liberated from these three gates of darkness, O Arjuna, practices what is beneficial for them and thus goes to the Supreme Goal.